इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा इलाके से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। दूषित पानी पीने से फैली बीमारी के कारण एक 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
कैसे फैली बीमारी?
भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लोगों को दस्त, उल्टी, बुखार और पेट दर्द जैसी गंभीर शिकायतें हो रही थीं। जांच के बाद आशंका जताई गई कि पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिल गया, जिसके कारण संक्रमण तेजी से फैला। देखते ही देखते सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए और कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
बुजुर्ग महिला की मौत से बढ़ी चिंता
इलाज के दौरान जिन 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हुई, वे पहले से कमजोर स्वास्थ्य स्थिति में थीं। डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण अधिक फैलने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई, जिससे उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस मौत ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाके में गुस्सा, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
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लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा था
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कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम ने समय रहते कार्रवाई नहीं की
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यदि पहले ही पानी की जांच और सप्लाई बंद की जाती, तो इतनी बड़ी जानमाल की हानि नहीं होती
घटना के बाद इलाके में विरोध और नाराजगी देखने को मिली।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन और नगर निगम ने:
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प्रभावित इलाके में पानी की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी है
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टैंकरों से साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है
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पानी के सैंपल लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं
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बीमार लोगों का मुफ्त इलाज अस्पतालों में किया जा रहा है
बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि
👉 क्या आम लोगों को सुरक्षित पीने का पानी देना भी अब चुनौती बन गया है?
👉 जिम्मेदार अफसरों पर कब होगी सख्त कार्रवाई?
भागीरथपुरा की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर उदाहरण बनती जा रही है।
