लखनऊ। पूर्व आईपीएस अधिकारी और आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने जेल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनकी गिरफ्तारी को लेकर सामने आए CCTV फुटेज ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में घमासान मच गया है।

गिरफ्तारी पर उठे गंभीर सवाल

अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि—

  • उनकी गिरफ्तारी कानून और प्रक्रिया के खिलाफ की गई

  • गिरफ्तारी के दौरान मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ

  • पूरे घटनाक्रम में जानबूझकर शक्ति का दुरुपयोग किया गया

इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्होंने जेल में आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है।

CCTV फुटेज ने बढ़ाया विवाद

गिरफ्तारी से जुड़े CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है
समर्थकों और मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि—

  • फुटेज में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं

  • गिरफ्तारी की प्रक्रिया सामान्य नियमों से हटकर दिखाई देती है

वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत हुई है और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं है।

आमरण अनशन बना सियासी मुद्दा

अमिताभ ठाकुर का अनशन अब केवल व्यक्तिगत विरोध नहीं रह गया है।

  • विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया

  • सामाजिक संगठनों ने स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की

  • मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी करार दिया

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

जेल सूत्रों के मुताबिक—

  • जेल प्रशासन ने अमिताभ ठाकुर की मेडिकल मॉनिटरिंग शुरू कर दी है

  • डॉक्टरों की टीम नियमित जांच कर रही है

  • प्रशासन ने अनशन तोड़ने की अपील भी की है

हालांकि अमिताभ ठाकुर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *