KGMU Religion Conversion Case: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन के पिता ने पूछताछ के दौरान ऐसा बयान दिया है, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। पिता का दावा है कि उनका बेटा छांगुर नामक व्यक्ति के प्रभाव में था, जिसके बाद उसके व्यवहार और विचारों में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
पूछताछ में पिता ने क्या कहा?
सूत्रों के अनुसार, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान डॉ. रमीज के पिता ने बताया कि उनका बेटा पिछले कुछ समय से एक विशेष विचारधारा और लोगों के संपर्क में था। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि छांगुर नाम का व्यक्ति रमीज को लगातार प्रभावित कर रहा था, जिससे उसकी सोच और फैसलों पर असर पड़ा।
हालांकि पुलिस अभी इस बयान की सत्यता की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को जोड़कर देखा जा रहा है।
जांच के घेरे में ‘छांगुर’
पिता के बयान के बाद जांच एजेंसियों का फोकस अब छांगुर की भूमिका पर केंद्रित हो गया है। पुलिस के मुताबिक, डॉ. रमीज बलरामपुर निवासी छांगुर से प्रभावित था, जिसे धर्मांतरण गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज काफी तनाव में था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रमीज और छांगुर के बीच संपर्क किस स्तर तक था और यह नेटवर्क कितना बड़ा है। सूत्रों के अनुसार, एक मौलवी के जरिए रमीज की छांगुर से मुलाकात हुई थी। इसी मौलवी पर आरोप है कि उसने पीड़िता पर भी धर्म बदलने का दबाव बनाया था। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही छांगुर से जुड़े डिजिटल और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
क्या है KGMU का पूरा मामला?
KGMU में तैनात जूनियर डॉक्टर डॉ. रमीजुद्दीन पर आरोप है कि उसने एक महिला डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक और मानसिक शोषण किया तथा उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पीड़िता की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस केस में पहले ही आरोपी के माता-पिता को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन अब भी फरार है।
लगातार नए खुलासे
इस मामले में रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे यह केस सिर्फ एक व्यक्तिगत अपराध न रहकर संगठित प्रभाव और विचारधारा से जुड़ा मामला बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे सच से पर्दा उठ सकेगा।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “परिजनों के बयान जांच का एक हिस्सा हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है।”
