लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। परीक्षा में गंभीर धांधली के पुख्ता सबूत मिलने के बाद सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश दिया है। इस मामले में UP STF की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, STF को परीक्षा के प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े ठोस सबूत मिले हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि संगठित गिरोह के जरिए अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परिणाम प्रभावित किए गए। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों।
STF अब इस घोटाले में शामिल मास्टरमाइंड, परीक्षा एजेंसी से जुड़े लोग और लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। परीक्षा रद्द होने के फैसले से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं, हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में पारदर्शी तरीके से नई परीक्षा आयोजित की जाएगी और योग्य उम्मीदवारों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।
