लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में अशोक लेलैंड के नए इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री एवं लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की अराजक स्थिति किसी से छिपी नहीं थी, उस दौर में निवेशक प्रदेश छोड़कर जा रहे थे। सीएम योगी ने कहा, “2017 में सरकार बनने के बाद हमने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश है। कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए यूपी को बदनाम किया, लेकिन आज प्रदेश असीमित संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला राज्य बन चुका है।”
सिर्फ 18 महीनों में तैयार हुआ ईवी प्लांट, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि अशोक लेलैंड का यह इलेक्ट्रिक व्हीकल संयंत्र रिकॉर्ड 18 महीनों में बनकर तैयार हुआ है। यह डबल इंजन सरकार की फास्ट ट्रैक अप्रूवल प्रणाली और बेहतर सुशासन का प्रत्यक्ष उदाहरण है। फिलहाल प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2,500 यूनिट है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 5,000 यूनिट प्रतिवर्ष करने की योजना है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
यूपी के सभी 75 जिलों में हो रहा निवेश
सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में निवेश पहुंच चुका है। प्रदेश के पास देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा है, साथ ही भारत का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी यूपी से होकर गुजरते हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस, रैपिड रेल और वाटरवे जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं के कारण उत्तर प्रदेश तेजी से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभर रहा है।
‘बीमारू राज्य’ से रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं रहा, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन चुका है।
‘फियरलेस बिजनेस’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ नई यूपी की पहचान बन चुके हैं। वर्तमान में राज्य में 34 सेक्टोरियल पॉलिसी लागू हैं, जिससे निवेशकों को हर क्षेत्र में व्यापक अवसर मिल रहे हैं।
45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य
सीएम योगी ने जानकारी दी कि पिछले 8–9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को करीब 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। आज उत्तर प्रदेश देश की जीडीपी में लगभग 9.5 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और राज्य सरकार ने 2029–30 तक यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
