अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की गरिमा और धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए अयोध्या प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में नॉन-वेज भोजन की डिलीवरी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही राम पथ से मांस-मछली की सभी दुकानों को हटा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की भावनाओं, धार्मिक शुचिता और अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
राम पथ को बनाया जा रहा है पूरी तरह सात्विक
अधिकारियों के मुताबिक राम मंदिर तक जाने वाले प्रमुख मार्ग राम पथ को पूरी तरह सात्विक और धार्मिक स्वरूप देने की कवायद चल रही है। इसी के तहत मांस, मछली और अन्य नॉन-वेज सामग्री की बिक्री करने वाली दुकानों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई स्थायी है और भविष्य में भी इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को निर्देश
प्रशासन ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश जारी किए हैं कि राम मंदिर के 15 किमी के दायरे में नॉन-वेज फूड की डिलीवरी न की जाए। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित एजेंसियों और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान
अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में धार्मिक स्थल के आसपास मांसाहार की बिक्री और डिलीवरी पर रोक लगाना आवश्यक था।
स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। जहां श्रद्धालुओं और संत समाज ने निर्णय का स्वागत किया है, वहीं कुछ दुकानदारों ने वैकल्पिक स्थान और पुनर्वास की मांग की है।
