प्रयागराज। पवित्र संगम तट पर आयोजित माघ मेले में षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति स्नान के शुभ संयोग पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का संगम और आसपास के घाटों की ओर पहुंचना शुरू हो गया। परंपरागत रूप से 14 जनवरी को मकर संक्रांति मानते हुए श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया, जिससे शाम तक स्नानार्थियों की संख्या 85 लाख से अधिक दर्ज की गई।
जयघोष से गूंज उठा संगम क्षेत्र
षटतिला एकादशी और अपराह्न बाद मकर संक्रांति के पुण्य मुहूर्त के संयोग ने संगम क्षेत्र को आस्था के महासमुद्र में बदल दिया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा मेला परिसर गूंजता रहा।
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक ही लगभग 50 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे, जिसके बाद भी लगातार भीड़ बढ़ती रही।
व्यापक इंतजाम, 24 स्नान घाटों पर सुविधा विस्तार
रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए मेला प्रशासन पहले से पूरी तरह सतर्क रहा। प्रशासन द्वारा—
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24 स्नान घाटों का निर्माण
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घाटों की कुल लंबाई 3.69 किलोमीटर तक बढ़ाई गई
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महिलाओं के लिए 1200 से अधिक चेंजिंग रूम बनाए गए
इसके साथ ही पहली बार पक्के घाटों के पास कैनोपी आकार के अस्थायी फोल्डिंग चेंजिंग रूम भी तैयार किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकी।
तीन कंट्रोल सेंटर से निगरानी, ड्रोन और CCTV से सुरक्षा
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इस बार तीन कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए—
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आईटी ट्रिपल-सी
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पुलिस लाइन
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जिला कलेक्ट्रेट
इन कंट्रोल सेंटरों से ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की पल-पल की निगरानी की जा रही है।
रोडवेज–रेलवे समन्वय से सुगम आवागमन
श्रद्धालुओं के आवागमन को निर्बाध बनाए रखने के लिए रोडवेज और रेलवे पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि—
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रोडवेज की 1800 बसें मेला ड्यूटी में लगाई गई हैं
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किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए QRT टीमें तैनात हैं
रेलवे की ओर से—
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पूरे मेला काल में 8 रिंग रेल सेवाओं का संचालन
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16 ट्रेनों को प्रयागराज रामबाग और झूसी स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव
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प्रयागराज जंक्शन पर 1.20 लाख यात्रियों की क्षमता वाले 18 यात्री आश्रय स्थल
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1186 सीसीटीवी कैमरों से स्टेशन परिसर की निगरानी
