बरेली। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और यूजीसी 2026 के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट गेट पर धरना शुरू कर दिया। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में वकील भी धरना स्थल पर मौजूद हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
देर रात हुआ निलंबन, नोटिस लेने से इनकार
गौरतलब है कि रविवार देर रात प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने निलंबन आदेश का नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद सोमवार सुबह वह सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
UGC एक्ट और शंकराचार्य के अपमान से आहत होकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने ऑन कैमरा बताया कि DM आवास में मुझे 45 मिनट तक बंधक बनाया गया। DM के पास लखनऊ से फोन आया, फोन स्पीकर पर था उधर से आवाज आयी,"साला पंडित पागल हो गया है"#UGCRegulations pic.twitter.com/sVQPe9EbEJ
— GK News Live युवा जोश, नई सोंच शहर से गांव तक (@GkNewsLive1) January 27, 2026
आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराजगी
धरने पर बैठे अलंकार अग्निहोत्री की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी है। उनका आरोप है कि लखनऊ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने डीएम से फोन पर बातचीत में उनके लिए “साला पंडित पागल हो गया है” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
अलंकार अग्निहोत्री इसे न केवल व्यक्तिगत अपमान, बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी के प्रति अस्वीकार्य भाषा बता रहे हैं।
वकीलों का समर्थन, बढ़ सकता है आंदोलन
धरना स्थल पर मौजूद वकीलों ने इस पूरे घटनाक्रम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रशासनिक गरिमा से जुड़ा मामला बताया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और पुलिस अलर्ट मोड पर है। बरेली में यह मामला अब प्रशासनिक विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
