अयोध्या। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद का असर अब प्रशासनिक स्तर पर और गहराता जा रहा है। बरेली के बाद अब अयोध्या से भी एक बड़ा इस्तीफा सामने आया है। GST विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपना दो पन्नों का इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है। प्रशांत कुमार सिंह ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं।
“जिस प्रदेश का नमक खाता हूं, उसका पक्षधर हूं”
इस्तीफे में GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने पत्र में लिखा—“जिस प्रदेश से मुझे वेतन मिलता है, जिस प्रदेश का मैं नमक खाता हूं, मैं उसी प्रदेश का पक्षधर हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री हैं, उनका अपमान मैं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले तीन दिनों से मानसिक रूप से आहत थे और इसी कारण यह फैसला लिया। प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह अपने निजी संसाधनों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहेंगे।
बरेली से शुरू हुआ प्रशासनिक भूचाल
गौरतलब है कि इससे पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने
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UGC के नए कानून,
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और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की कथित पिटाई
से आहत होकर इस्तीफा देने की बात कही थी।
सिटी मजिस्ट्रेट पर लगे गंभीर आरोप, निलंबन
इस्तीफे के एक दिन बाद ही बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। इसके बाद शासन ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित करते हुए मंडलायुक्त बरेली को जांच सौंपी है। जांच अवधि के दौरान उन्हें DM कार्यालय शामली से संबद्ध किया गया है।
बढ़ता जा रहा विवाद
लगातार हो रहे इस्तीफों और आरोप-प्रत्यारोप के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा विवाद अब धार्मिक से प्रशासनिक और राजनीतिक संकट में तब्दील होता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर शासन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।
