Silver Price: सर्राफा बाजार में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा देने वाली चांदी ने एक ही दिन में ऐसा उलटफेर दिखाया, जिसने बाजार को चौंका दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत करीब 27 प्रतिशत टूट गई, जिससे भाव तीन लाख रुपये के स्तर से काफी नीचे आ गए।
शुक्रवार को मार्च एक्सपायरी वाली चांदी में करीब 1.08 लाख रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई और यह 2.92 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास बंद हुई। यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख देखने को मिला, जहां स्पॉट सिल्वर करीब 28 प्रतिशत गिरकर 85 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक फिसल गई।
रिकॉर्ड ऊंचाई से सीधे गिरावट:-
खास बात यह रही कि गिरावट से ठीक एक दिन पहले ही चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया था। MCX पर यह करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर तक पहुंची थी। लेकिन मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव में कीमतें अचानक धराशायी हो गईं।
डॉलर की मजबूती ने बढ़ाया दबाव:-
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती इस गिरावट की बड़ी वजह रही। अमेरिका में फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के तौर पर केविन वॉर्श के चयन के बाद डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ। डॉलर के मजबूत होने से सोना और चांदी जैसी कीमती धातुएं विदेशी निवेशकों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग घटती है। इसके अलावा, ऊंची ब्याज दरें भी चांदी जैसी नॉन-इंटरेस्ट देने वाली संपत्तियों की आकर्षण क्षमता को कम करती हैं।
सोने की कमजोरी का असर चांदी पर:-
चांदी की चाल अक्सर सोने के रुझान के साथ चलती है। सप्ताह की शुरुआत में सोने ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन बाद में इसमें भी तेज गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब पांच प्रतिशत तक फिसला, जबकि MCX पर भी सोने के भाव में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सोने में आई इस कमजोरी ने चांदी पर भी दबाव बढ़ा दिया। विश्लेषकों का मानना है कि फेड की नीतियों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर की चाल आगे भी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता बरतने का है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव फिलहाल जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
