Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में उस वक्त तीखी राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जब कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाने की कोशिश की। उनके इस प्रयास पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई, जिसके बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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राहुल गांधी अपनी बात रखने पर अड़े रहे, जबकि लोकसभा अध्यक्ष लगातार उनसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा तक सीमित रहने का आग्रह करते रहे। स्थिति नहीं संभलने पर स्पीकर ने अन्य सदस्यों को बोलने का अवसर देने का फैसला किया। इससे नाराज़ विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया और सदन में हंगामा शुरू हो गया। बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लेख को सदन में रखा, फिर छिड़ा विवाद
इससे पहले राहुल गांधी ने सदन में एक लेख की प्रति प्रस्तुत की, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख किया गया था। उन्होंने इस दस्तावेज़ को प्रमाणित बताते हुए लोकसभा के पटल पर रखा। इसके बाद अध्यक्ष ने उनसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखने को कहा।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलने की मांग
लोकसभा में अपनी बात रखने की कोशिश करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम विषय शामिल हैं, जिनमें भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध भी आते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के दौर में भारत की भूमिका और चीन के साथ सीमा पर हुई घटनाओं पर सरकार की प्रतिक्रिया पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह केवल राष्ट्रीय हित और सीमा से जुड़े घटनाक्रम पर बयान देना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने से क्यों रोका जा रहा है। इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित
लगातार बढ़ते शोर और विरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया। फिलहाल इस मुद्दे पर आगे की चर्चा सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद होने की संभावना है।
