CM Yogi: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का भव्य उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। इस अवसर पर राज्य सरकार ने 11 प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के शोध व विकास पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था, निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की नीति को स्पष्ट शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून सबके लिए समान है। यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह अपना ही क्यों न हो, कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी जो माफिया या अपराधियों के खिलाफ की जाती है।

कानून से खिलवाड़ की इजाजत नहीं:-

सीएम योगी ने कहा कि कई बार सवाल उठते हैं कि पुलिस सख्ती क्यों करती है, लेकिन जब कोई कानून से डरने को तैयार नहीं होता, तब उसे कानून की भाषा में समझाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून को आंख दिखाने वालों के लिए कोई छूट नहीं है और सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में आम लोगों के मन में असुरक्षा और अविश्वास का माहौल था। अराजकता के कारण लोग भयभीत रहते थे, लेकिन अब वह स्थिति बीते दिनों की बात हो चुकी है। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और इसका असर निवेश और विकास पर साफ दिखाई देता है।

निवेश और रोजगार पर जोर:-

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश को अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेरोजगारी दर ऐतिहासिक रूप से न्यूनतम स्तर पर है। राज्य के पास पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है, जिससे उद्योगों को स्थापित करने में आसानी हो रही है। उन्होंने फार्मा सेक्टर की चर्चा करते हुए बताया कि ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उसके विकास कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में केंद्र स्तर की प्रयोगशालाएं पहले से मौजूद हैं, जो शोध और नवाचार को मजबूती देती हैं।

2017 से शुरू हुआ बदलाव:-

सीएम योगी ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस समय यह तय किया गया था कि कानून व्यवस्था में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है, लेकिन जब परिस्थितियां मांग करती हैं, तब सख्ती जरूरी हो जाती है। कार्यक्रम में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी उत्तर प्रदेश की नीतियों और निवेश माहौल की सराहना की। फार्मा कॉन्क्लेव के जरिए राज्य सरकार ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश मेडिकल और फार्मास्यूटिकल सेक्टर का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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