UP News: निलंबित पीसीएस अधिकारी और बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सक्रिय राजनीति में उतरने के संकेत दिए हैं। शाहजहांपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए वह “एक विकल्प की तैयारी” कर रहे हैं, जिसकी जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती दिखाई दे रही है और यही वजह रही कि उन्हें अपने पद से हटना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी वर्ग या समाज के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि मौजूदा नीतियों और हालातों को लेकर अपनी बात जनता के सामने रखना चाहते हैं।
यूजीसी नियमों और राजनीतिक चुप्पी पर सवाल:-
प्रेस वार्ता में अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देशभर में इसे लेकर असंतोष है, लेकिन जनप्रतिनिधि इस पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई नेता केवल बड़े चेहरों के सहारे चुनाव जीतते हैं और बाद में जनहित के मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कुछ नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि जिनका व्यक्तिगत जनाधार मजबूत है, उन्होंने इन विषयों पर आवाज उठाई है, लेकिन अधिकांश जनप्रतिनिधि खामोश हैं।
भाजपा और नीतियों पर तीखी टिप्पणी:-
अलंकार अग्निहोत्री ने भाजपा और सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति में मुद्दों के बजाय ध्रुवीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सामान्य वर्ग के साथ-साथ अन्य वर्गों को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बढ़ती असंतोष की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और आने वाले समय में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
राजनीति में एंट्री की अटकलें तेज:-
अलंकार अग्निहोत्री के “विकल्प तैयार करने” वाले बयान को राजनीति में प्रवेश का संकेत माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी दल या मंच का नाम स्पष्ट नहीं किया, लेकिन उनके बयान से यह साफ है कि वह जल्द ही अपने अगले कदम का ऐलान कर सकते हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उनके साथ स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई चर्चा ने जन्म ले लिया है।
