Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जनसंख्या को लेकर दिए गए अपने बयान से सियासी हलचल तेज कर दी है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयानों पर तीखा पलटवार किया और कहा कि उनकी पार्टी आबादी के मुद्दे पर किसी भी तरह की घबराहट में नहीं है।

शौकत अली ने मंच से कहा कि उनकी ओर से अब एक नया नारा दिया जा रहा है—“हम दो, हमारे दो दर्जन।” उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उनके आठ बच्चे हैं, जबकि उनके बड़े भाई के सोलह बच्चे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी 97 वर्षीय मां के कुल 72 नाती-पोते हैं, जो सभी युवा अवस्था में हैं।
“हमारी तादाद से डर क्यों?”
AIMIM नेता ने सवाल उठाया कि आखिर कुछ लोगों को मुस्लिम समाज की संख्या से परेशानी क्यों होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद शादी नहीं करते, वही समाज को बच्चों पर ज्ञान देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश को मजबूत बनाने की बात करने वाले लोग जनसंख्या को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।
सपा नेता पर भी किया हमला:-
अपने भाषण के दौरान शौकत अली ने समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री कमाल अख्तर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले भी उसी समुदाय से हैं और उन्हें “बीजेपी की बी टीम” कहने के पीछे राजनीतिक स्वार्थ है। उन्होंने मुरादाबाद में बंद की गई शराब की दुकानों और ग़ज़ल बार का जिक्र करते हुए कई सवाल खड़े किए।
मदरसों और मुस्लिम पहचान का मुद्दा:-
शौकत अली ने आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिम समाज को धार्मिक शिक्षा देने से रोक रही है। उन्होंने दावा किया कि मुरादाबाद में सैकड़ों मदरसे बंद किए गए हैं और उन्हें गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दाढ़ी, टोपी, हिजाब और नकाब पहनने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है और समाज में डर का माहौल बनाया जा रहा है। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। शेष 203 सीटें समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ी जाएंगी, ताकि भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सके।
लव जिहाद के आरोपों पर प्रतिक्रिया:-
महिला आयोग की सदस्य द्वारा जिम और बुटीक को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शौकत अली ने कहा कि “लव जिहाद जैसी कोई चीज़ नहीं है।” उन्होंने इसे समाज में नफरत फैलाने की कोशिश बताया और कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार देता है। इस बयान के बाद मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों ही AIMIM नेता के बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे सकते हैं।
