Mayawati: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई, लेकिन इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेज़ हो गईं। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अभिभाषण पर असंतोष जताते हुए कहा कि इसमें आम जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया।
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मायावती ने कहा कि संबोधन में विकास और जनकल्याण की बातें जरूर की गईं, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और जनसुरक्षा जैसे गंभीर सवालों पर सरकार का स्पष्ट रुख सामने नहीं आया। उनके अनुसार प्रदेश की बड़ी आबादी इन समस्याओं से परेशान है, ऐसे में अभिभाषण में इन पर ठोस चर्चा होनी चाहिए थी।
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि लोगों में अपने जान-माल और धार्मिक सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं, लेकिन राज्यपाल के भाषण में इन चिंताओं को दूर करने का कोई भरोसेमंद संकेत नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पहले किए गए जनहित के वादों और घोषणाओं की प्रगति पर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इन्हीं मुद्दों को लेकर अभिभाषण के दौरान विपक्षी दलों ने विरोध जताया और सदन में हंगामा हुआ। मायावती ने कहा कि आगामी बजट में सरकार को जनता की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत और विश्वास मिल सके।
