Lucknow: प्रदेश के बिजली कर्मचारी गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। निजीकरण और ऊर्जा संशोधन विधेयक के विरोध के साथ-साथ संविदा कर्मचारियों की छंटनी के मुद्दे पर यह आंदोलन किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में बिजली कर्मी धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार 12 फरवरी को प्रदेशभर में विभागीय कार्यालयों और परियोजना स्थलों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी लखनऊ में दोपहर 12 बजे शक्ति भवन मुख्यालय पर कर्मचारी एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने, कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को रोकने और संविदा कर्मियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी।
बिजली सेवाओं पर असर की आशंका
हड़ताल के चलते बिजली आपूर्ति और शिकायत निस्तारण सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
मानव संपदा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
इस बीच मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कर्मचारियों का पंजीकरण मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से किया जाए। अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया भी इसी पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। विभागाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का विवरण शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
होली से पहले मानदेय भुगतान के निर्देश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों के लिए भी अहम निर्देश जारी किए गए हैं। मिशन निदेशक ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि कर्मचारियों का मानदेय 20 फरवरी तक की उपस्थिति के आधार पर निर्धारित कर 25 फरवरी तक पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि होली से पूर्व भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। फिलहाल प्रदेश में बिजली कर्मियों की हड़ताल को लेकर प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
