संत कबीरनगर/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में मदरसा फंडिंग और विदेशी लेनदेन से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। संत कबीरनगर जिले के खलीलाबाद क्षेत्र स्थित एक आवास पर ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की। यह कार्रवाई ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त कर चुके मौलाना शमशुल हुदा खान से जुड़े मामले में की गई है।

घर और ठिकानों पर जांच

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में टीम ने सुबह मौलाना के निवास पर पहुंचकर जांच शुरू की। परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित एक अन्य पते पर भी तलाशी ली गई।

विदेशी फंडिंग और संपत्ति का मामला

जांच एजेंसियों को संदेह है कि विदेश से प्राप्त धन का उपयोग मदरसे के निर्माण और अन्य संपत्तियों में किया गया। इस संबंध में पहले एटीएस द्वारा भी जांच की जा चुकी है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और संदिग्ध यात्राओं का उल्लेख सामने आया था। अब ईडी विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है।

ब्रिटिश नागरिकता के बाद भी वेतन लेने का आरोप

आरोप है कि मौलाना ने वर्ष 2013 में यूनाइटेड किंगडम की नागरिकता हासिल कर ली थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ समय तक उत्तर प्रदेश के एक मदरसे में शिक्षक के रूप में वेतन प्राप्त करते रहे। इस संबंध में सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग को लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नागरिकता परिवर्तन के बाद आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।

प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया

मामले के सामने आने के बाद संबंधित मदरसे की मान्यता निरस्त की जा चुकी है। विभागीय स्तर पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी। मदरसे से जुड़े निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ, जिस पर न्यायालय में सुनवाई जारी है। बताया जा रहा है कि परिवार की ओर से उच्च न्यायालय का रुख किया गया है, जहां से अस्थायी राहत मिली है।

पाकिस्तान यात्राओं की भी जांच

एटीएस की पूर्व जांच में मौलाना की पाकिस्तान यात्राओं और कुछ संगठनों से संपर्क की जानकारी सामने आई थी। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है। फिलहाल एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों के स्रोत और विदेशी फंडिंग के उपयोग की गहन पड़ताल कर रही हैं। इस पूरे प्रकरण में मौलाना और उनके परिजनों के खिलाफ कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की विधिक प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच की जाएगी।

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