Lucknow: त्योहारों के मद्देनज़र राजधानी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए कई इलाकों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध और मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री जब्त की गई। विभाग के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 46 लाख रुपये से अधिक कीमत का सामान सीज किया गया है।
अभियान के तहत तेल, बेसन, आटा, नमकीन, दाल और दुग्ध उत्पादों की जांच की गई। कुछ प्रतिष्ठानों में पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते हजारों लीटर खाद्य तेल को जब्त किया गया। कई जगहों से भारी मात्रा में बेसन, आटा, नमकीन और दाल भी कब्जे में ली गई। इसके अलावा एक स्थान पर दुर्गंधयुक्त खोवा मानव उपभोग के अयोग्य पाए जाने पर नष्ट कराया गया। बिना लाइसेंस संचालित इकाई को भी बंद कराया गया है।अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न दुकानों और गोदामों से नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों पर सख्ती जारी रहेगी।
घर पर ऐसे पहचानें दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट:-
विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ता कुछ आसान तरीकों से प्राथमिक जांच कर सकते हैं—
दूध में पानी की मिलावट: किसी चिकनी सतह पर दूध की एक बूंद डालें। यदि बूंद धीरे बहे और सफेद लकीर छोड़े तो दूध अपेक्षाकृत शुद्ध है। तेजी से बिना निशान बहे तो पानी मिलाया गया हो सकता है।
डिटर्जेंट की आशंका: थोड़े दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर हिलाएं। अत्यधिक झाग बनना मिलावट का संकेत हो सकता है।
खोया या पनीर में स्टार्च: नमूने में पानी मिलाकर उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। नीला रंग उभरना स्टार्च की मिलावट दर्शाता है।
घी या मक्खन में मिलावट: आयोडीन डालने पर रंग परिवर्तन होना स्टार्च या अन्य पदार्थों की मिलावट का संकेत हो सकता है।
एफएसडीए ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
