Weather: उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। बुधवार सुबह राजधानी Lucknow समेत कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई। आमतौर पर मार्च में साफ मौसम रहता है, लेकिन इस बार धुंध और नमी भरी हवाओं ने लोगों को हैरान कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी दिशा से चल रही नमी भरी पुरवा हवाओं और वातावरण में मौजूद धूल कणों के कारण यह स्थिति बन रही है। यही वजह है कि सुबह के समय कई शहरों में धुंध की चादर दिखाई दे रही है।
कई जिलों में कम हुई दृश्यता
प्रदेश के कई शहरों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम दर्ज की गई। Prayagraj में दृश्यता करीब 30 मीटर तक सीमित रही, जबकि Amethi में लगभग 50 मीटर तक रही। वहीं Meerut में करीब 100 मीटर और Varanasi में लगभग 500 मीटर दृश्यता दर्ज की गई। इसके अलावा Kanpur, Ayodhya, Gorakhpur, Bareilly, Saharanpur और Moradabad समेत कई जिलों में भी सुबह धुंध का असर देखने को मिला।
15–16 मार्च को बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।
तापमान में भी हो रहा बदलाव
प्रदेश में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में Banda में अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। वहीं Agra और Jhansi में भी तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया।
18 साल बाद मार्च में ऐसा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की स्थिति पहले भी देखने को मिल चुकी है। वर्ष 2008 में भी मार्च के दौरान नमी भरी हवाओं की वजह से प्रदेश में धुंध जैसा मौसम बना था। लगभग 18 साल बाद फिर से ऐसी परिस्थितियां बनती दिखाई दे रही हैं। लगातार धुंध बने रहने से कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हो रहा है। खासकर सुबह के समय वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है। वहीं किसान भी मौसम के इस बदलाव को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इससे फसलों पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम का रुख बदल सकता है और बारिश के बाद तापमान में भी हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।
