शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: Lucknow में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने गौ संरक्षण और गौ सम्मान को लेकर ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की शुरुआत का ऐलान किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

कांशीराम स्मृति उपवन में हुआ आयोजन

यह कार्यक्रम आशियाना स्थित Kanshiram Smriti Upvan में आयोजित किया गया, जहां शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को लेकर समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है और उसे सम्मान दिलाने के लिए समाज को संगठित प्रयास करने होंगे।

गो रक्षा आंदोलन को लेकर बढ़ी सक्रियता

बताया गया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई संत-धर्माचार्य और गौ रक्षक एक दिन पहले ही लखनऊ पहुंच गए थे। हाल के दिनों में गौ संरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के कारण यह कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिए जाने की मांग दोहराई और कहा कि इसके लिए व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है।कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। आयोजन को लेकर प्रशासन ने पहले ही कई शर्तों के साथ अनुमति दी थी और पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

महिलाओं ने भी किया आंदोलन का समर्थन

शहर के फैजुल्लागंज क्षेत्र में कई महिलाओं ने भी गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में एकत्र होकर आवाज उठाई। उन्होंने गौ संरक्षण को भारतीय परंपरा और संस्कृति से जुड़ा विषय बताते हुए लोगों से इसमें भागीदारी करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि गौ, गंगा और गायत्री भारतीय संस्कृति के प्रमुख आधार माने जाते हैं और गौ संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने और गौ संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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