UP Panchayat Election Update: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए मतपत्रों की छपाई का काम शुरू हो चुका है और इन्हें जिलों तक भेजने की प्रक्रिया भी जारी है। इस बार मतदान में मतदाताओं को चार अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर दिए जाएंगे, ताकि मतदान और मतगणना दोनों आसान हो सकें।
चुनाव में ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक चार अलग-अलग पदों के लिए अलग रंग के मतपत्र निर्धारित किए गए हैं। ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए सफेद रंग का मतपत्र होगा, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र दिया जाएगा। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के लिए नीले रंग का और जिला पंचायत सदस्य के लिए पीले रंग का मतपत्र इस्तेमाल किया जाएगा।
अलग-अलग रंगों के मतपत्र रखने का उद्देश्य मतदान कर्मियों और मतदाताओं दोनों को सुविधा देना है। इससे मतदाताओं को चारों पदों के लिए अलग-अलग वोट डालने में आसानी होगी और मतगणना के दौरान भी पदवार मतपत्रों को अलग करने में कम समय लगेगा। प्रदेश में पंचायतों की संख्या काफी बड़ी है। उत्तर प्रदेश में करीब 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं, जहां लाखों प्रतिनिधियों का चुनाव होना है। अनुमान है कि लगभग आठ लाख ग्राम पंचायत सदस्य, 75 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य और करीब तीन हजार जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे।
हालांकि चुनाव की तैयारियों के बीच इसके समय पर होने को लेकर संशय भी बना हुआ है। पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इसी वजह से चुनाव की तारीख आगे बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। वर्तमान कार्यकाल की बात करें तो ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने वाला है। वहीं जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को पूरा होगा। ऐसे में प्रशासन चुनाव की तैयारियां जारी रखते हुए आगे के निर्णय का इंतजार कर रहा है।
