Lucknow: नव वर्ष की पूर्व संध्या पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा राजधानी में एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा परिषद कार्यालय से शुरू होकर शिव भोला मंदिर तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पदयात्रा के दौरान पूरे मार्ग में धार्मिक गीत, जयघोष और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल उत्सव जैसा बना रहा। कार्यक्रम में शामिल लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और आम नागरिकों की भी अच्छी भागीदारी रही।

मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद वैदिक विधि से हवन और महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें विश्व शांति, देश की समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की गई। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया, खासकर युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया गया। परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने केंद्र सरकार से “सनातन आयोग” के गठन की मांग को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि ऐसा आयोग बनने से सनातन परंपराओं, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे वर्तमान समय की जरूरत बताया।
इसके साथ ही उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। राजनीतिक बयान देते हुए उन्होंने Yogi Adityanath को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग रखी और कहा कि इस दिशा में निर्णय लिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर कई प्रस्ताव भी सामने आए। इनमें सनातन शिक्षा अभियान शुरू करना, मंदिरों को सामाजिक जागरूकता केंद्र के रूप में विकसित करना, युवाओं के लिए नेतृत्व प्रशिक्षण और डिजिटल अभियान चलाना शामिल है। इसके अलावा “एक परिवार–एक संस्कार” जैसे अभियानों के जरिए परिवारों में सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की बात कही गई।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए “नारी शक्ति–सनातन शक्ति” पहल और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाने का संकल्प भी लिया गया। साथ ही प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इस आयोजन में कई संत, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को उठाने का एक बड़ा मंच बनकर सामने आया।
