Weather: उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए आम जनजीवन और किसानों दोनों को झटका दिया है। बीते 24 घंटों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत होने की खबर है। राजधानी लखनऊ समेत करीब 25 जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। कई स्थानों पर दिन के तापमान में 10 डिग्री तक की कमी आई, जबकि कुछ जिलों में यह गिरावट 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गई।
ओलावृष्टि से बढ़ी परेशानी
सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा और झांसी सहित कई जिलों में जमकर ओले गिरे। कुछ इलाकों में तो खेत सफेद चादर जैसे नजर आए। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, जबकि पकी हुई सरसों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आलू और अन्य सब्जियों की फसल पर भी संकट गहराया है। कई जिलों में खुदाई का काम रुक गया है, जिससे नुकसान और बढ़ने की आशंका है। तेज बारिश के साथ गिरी बिजली ने कई परिवारों को दुख में डाल दिया। बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और मिर्जापुर समेत कई जिलों में लोगों की मौत बिजली गिरने या हादसों में हुई।
प्रशासन अलर्ट, राहत की तैयारी
सरकार और प्रशासन ने हालात को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को फील्ड में जाकर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों को जल्द राहत पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अब धीरे-धीरे कम होगा और अगले एक-दो दिनों में मौसम सामान्य होने की संभावना है। हालांकि तब तक किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
