लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक ऐसे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जिसे कथित रूप से दुबई में बैठा एक युवक संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।
एटीएस के मुताबिक, हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों का संबंध इसी मॉड्यूल से है। ये सभी राजधानी लखनऊ में एक बड़े विस्फोट की योजना को अंजाम देने पहुंचे थे, लेकिन समय रहते सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि इनका निशाना भीड़भाड़ वाले स्थान जैसे रेलवे स्टेशन, मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थल हो सकते थे।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को विदेश से संचालित किया जा रहा था। आरोपी युवकों का संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलर्स से कराया गया था, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं। एजेंसियों को यह भी आशंका है कि देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के और मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति लंबे समय से विदेश में रहकर ऑनलाइन माध्यमों से नेटवर्क को निर्देश दे रहा था। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ उसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिससे जांच एजेंसियों को सुराग मिला और पूरे मामले का खुलासा हो सका। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद एटीएस ने उनकी हिरासत मांगी, जिसे मंजूरी मिल गई है। फिलहाल एजेंसियां उनसे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित साजिशों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
