निगोहां:- उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में हुई बे-मौसम बारिश ने ईंट भट्ठा उद्योग को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। लगातार बारिश के कारण भट्ठों पर तैयार कच्ची ईंटें गल गईं, जिससे प्रदेश भर के भट्ठा संचालकों को भारी आर्थिक झटका लगा है।

उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, हर भट्ठा मालिक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अनुमान है कि पूरे प्रदेश में यह नुकसान सैकड़ों करोड़ से लेकर करीब एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस अचानक आई आपदा से भट्ठा मालिकों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और इससे जुड़े मजदूरों व परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हुई है।
ईंट निर्माता संगठनों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए सरकार से राहत की मांग की है। उनका कहना है कि जिस तरह प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को सहायता दी जाती है, उसी तरह भट्ठा उद्योग को भी राहत पैकेज मिलना चाहिए।
संगठन के पदाधिकारियों ने सुझाव दिया है कि खनिज विभाग में जमा शुल्क को आगामी सत्र में समायोजित किया जाए, ताकि उद्योग को कुछ आर्थिक राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द मदद नहीं मिली, तो कई भट्ठा संचालकों के सामने संचालन जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय भट्ठा संचालकों का कहना है कि लगातार बारिश के चलते कच्ची ईंटों को बचाने का कोई मौका नहीं मिला और लगभग पूरा उत्पादन नष्ट हो गया। ऐसे में वे सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप और राहत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि इस संकट से उबर सकें।
