मोहनलालगंज, लखनऊ। राजधानी के एक निजी अस्पताल में महिला की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पत्रकार समुदाय भी सक्रिय हो गया है। निगोहां प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कृष्णानगर स्थित एसीपी कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मृतका की पहचान स्वर्गीय सीता दीक्षित के रूप में हुई है, जो पत्रकार धीरज तिवारी की बहन थीं। परिजनों का आरोप है कि बंथरा थाना क्षेत्र के जुनाबगंज स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में गहरा आक्रोश है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी बीच निगोहां प्रेस क्लब के संरक्षक मुकेश द्विवेदी और अध्यक्ष विमल सिंह चौहान के नेतृत्व में पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल एसीपी रजनीश वर्मा से मिला और ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में पत्रकारों ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की मांग उठाई, जिनमें इलाज की पूरी प्रक्रिया की जानकारी, घटना की सूचना में देरी, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच, संबंधित लोगों से पूछताछ और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका शामिल है। उनका कहना है कि जब तक सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है।

प्रेस क्लब के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि जांच में लापरवाही हुई तो पत्रकार समुदाय आंदोलन करने को मजबूर होगा। उन्होंने इसे केवल एक परिवार का नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया।

इस दौरान मुकेश द्विवेदी, विमल सिंह चौहान, योगेंद्र तिवारी, ललित दीक्षित, मोईन खान, अवनीश पांडे, धीरज तिवारी, शिवा मिश्रा, रोहित तिवारी, प्रशांत त्रिवेदी, योगेश मिश्रा, मोहम्मद नासिर, विवेक कुमार, अभिलाष दीक्षित, सूरज तिवारी, रोहित दीक्षित और शक्ति तिवारी समेत कई पत्रकार मौजूद रहे।

वहीं एसीपी रजनीश वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और जल्द ही तथ्य सामने लाए जाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

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