नोएडा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाकर माहौल को जानबूझकर खराब किया गया, और इसके तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि 13 अप्रैल को हुए बवाल के बाद कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने झूठी जानकारी फैलानी शुरू कर दी। इन पोस्ट्स में दावा किया गया कि पुलिस कार्रवाई में मजदूरों की मौत हो गई है, जिससे पहले से तनावपूर्ण स्थिति और भड़क उठी।

जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्य मिले, जिनसे पता चला कि ये सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। आईपी एड्रेस और इंटरनेट गतिविधियों के आधार पर इसकी पुष्टि हुई है। साथ ही यह भी सामने आया कि इन अकाउंट्स ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल किया।

पुलिस ने इन दोनों सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य स्थानीय विरोध प्रदर्शन को भटकाकर उसे हिंसक रूप देना था।

इस बीच, प्रशासन के प्रयासों से अब नोएडा में स्थिति सामान्य हो गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज फिर से शुरू हो चुका है और श्रमिक भी धीरे-धीरे अपनी ड्यूटी पर लौट रहे हैं। सरकार द्वारा वेतन वृद्धि और अन्य मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाने के बाद मजदूरों में संतोष देखा जा रहा है।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों ने कहा कि शांति और व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *