मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील इन दिनों अपनी प्रशासनिक कार्यप्रणाली से ज्यादा एक कथित प्रभावशाली पेशकार को लेकर चर्चा में है। तहसील परिसर और अधिवक्ताओं के बीच इस कर्मचारी की कार्यशैली और बढ़ते प्रभाव को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि संबंधित पेशकार लंबे समय से एक ही तहसील में तैनात है और अपने प्रभाव के चलते नियमों की अनदेखी कर रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में शिकायतों के बाद उसे हटाया भी गया था, लेकिन कुछ समय बाद फिर उसी स्थान पर तैनाती मिल गई, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुछ अधिवक्ताओं का यह भी दावा है कि उक्त पेशकार का प्रभाव सिर्फ एक न्यायालय तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य मामलों में भी उसकी दखलंदाजी की चर्चाएं हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वकीलों के बीच इसको लेकर नाराजगी बनी हुई है।
इसके अलावा, तहसील परिसर में सक्रिय कथित दलालों के नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि आम लोगों से काम कराने के नाम पर धन वसूली की जा रही है, जिससे पारदर्शिता पर असर पड़ रहा है।
वहीं, कर्मचारियों के बीच भी असहज माहौल की चर्चा है। कुछ लोगों का कहना है कि विरोध करने पर प्रतिकूल कार्रवाई का डर बना रहता है, हालांकि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई है।
पूरे मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील की कार्यप्रणाली और आम जनता का भरोसा दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
