मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील में जमीन से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केवली गांव की करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर सामने आए इस मामले में आरोप है कि वर्षों पहले विदेश (पाकिस्तान) जा चुके दो भाइयों की संपत्ति को गलत तरीके से एक महिला के नाम दर्ज कर दिया गया, जिसकी अब मृत्यु हो चुकी है।

बताया जा रहा है कि संबंधित गाटा संख्या 403 और 404 राजस्व अभिलेखों में मोहम्मद जुबेर और मोहम्मद वैश के नाम दर्ज थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बंटवारे के समय दोनों भाई पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन जमीन को आधिकारिक रूप से शत्रु संपत्ति घोषित नहीं किया गया। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए फरवरी 2024 में बिना सक्षम अधिकारी या न्यायालय के आदेश के खतौनी में एक महिला का नाम दर्ज कर दिया गया।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब स्थानीय निवासी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की। इसके बाद राजस्व विभाग की जांच में नामांतरण को संदिग्ध बताया गया। मार्च 2025 में आई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि बिना वैधानिक आदेश के किया गया यह परिवर्तन नियमों के विरुद्ध है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए।

इसके बावजूद मामला न्यायिक प्रक्रिया में लंबित है। अप्रैल 2025 में एसडीएम कोर्ट में वाद दर्ज होने के बाद से अब तक कई बार सुनवाई हो चुकी है, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं आ सका है। लंबित प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रकरण में कुछ कर्मचारियों और बाहरी तत्वों की मिलीभगत हो सकती है। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्व तंत्र की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं लोग जल्द न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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