लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार को बदायूं मामले की पीड़िता को श्रद्धांजलि देने के लिए छात्रों और युवाओं द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 से गेट नंबर-3 तक शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया।
कैंडल मार्च का उद्देश्य पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाना और महिलाओं की सुरक्षा व न्याय के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना रहा। पूरे मार्च के दौरान “न्याय चाहिए”, “सुरक्षित समाज” और “जागरूकता ही समाधान” जैसे संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिले।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव तिवारी और उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को समाज की प्राथमिकता बनाने की बात कही।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने कहा कि समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना आज बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर लोगों के भरोसे से होती है।
वहीं राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव तिवारी ने महिलाओं के पहनावे को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि “अश्लीलता कपड़ों में नहीं, बल्कि सोच में होती है।” उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को उनके पहनावे से जोड़ना गलत है और समाज की मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता है।
उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में जिम्मेदारी और मानवीय सोच को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जागरूक और संवेदनशील समाज ही सुरक्षित वातावरण तैयार कर सकता है।
कार्यक्रम के अंत में संगठन की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियान जारी रखने की बात कही गई।
