गोपनीयता का विशेष ध्यान, आधार के केवल अंतिम चार अंक होंगे प्रदर्शित
उप निबंधक विभा द्विवेदी तिवारी ने बताया कि नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए रजिस्ट्री अभिलेखों में आधार संख्या के सिर्फ अंतिम चार अंक ही अंकित किए जाएंगे। इससे भविष्य में दस्तावेजों की प्रतिलिपि प्राप्त करने की स्थिति में भी संबंधित व्यक्ति की संवेदनशील जानकारी गोपनीय बनी रहेगी।
दस्तावेजों के स्वरूप में भी किया गया बदलाव
नई व्यवस्था के अनुसार अब क्रेता और विक्रेता के फोटोग्राफ स्टाम्प पेपर पर लगाने के बजाय सीधे बैनामा दस्तावेज के मुख्य पृष्ठ पर लगाए जाएंगे। इससे दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और स्कैनिंग के दौरान होने वाली तकनीकी समस्याओं को कम करने में सहायता मिलेगी।
क्रेता, विक्रेता और गवाहों के बयान होंगे अनिवार्य
संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्रियों पर अंकुश लगाने के लिए अब बैनामा निष्पादन के समय क्रेता, विक्रेता और दोनों गवाहों के बयान दर्ज किए जाना आवश्यक होगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दस्तावेजों की आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध गतिविधियों और फर्जीवाड़े की संभावनाओं में कमी आएगी।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी सुविधा
उप निबंधक ने बताया कि नई व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को बेहतर और सरल सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे कार्यालय में अनावश्यक भीड़ और असुविधा को कम करने में मदद मिलेगी।
सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था, विशेषाधिकारों पर लगेगा अंकुश
तहसील परिसर में लागू हुए इन बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। नई व्यवस्था के तहत सभी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित नियमों के अनुरूप ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे आम लोगों को भी निष्पक्ष और सुगम सेवाएं मिल सकेंगी।
उप निबंधक कार्यालय का मानना है कि इन सुधारों से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय, तकनीकी रूप से सुदृढ़ और नागरिक हितों के अनुरूप बन सकेगी।
