
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह करीब साढ़े छह बजे से ही टोल प्लाजा पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा था। कुछ ही समय में चारपहिया वाहनों, बसों और अन्य वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। सामान्य दिनों की अपेक्षा लोगों को टोल पार करने में अधिक समय लगा और वाहन काफी देर तक धीमी गति से आगे बढ़ते रहे।
वाहन चालकों का कहना है कि बढ़ी हुई भीड़ के बीच कुछ फास्टैग स्कैनरों में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं, जिससे भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई और वाहनों की निकासी की रफ्तार कम हो गई। इसके चलते टोल लेनों पर दबाव लगातार बढ़ता गया और कतारें लंबी होती चली गईं।
जाम के दौरान कुछ वाहन चालकों और टोल कर्मियों के बीच देरी को लेकर कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में कर्मचारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया और यातायात को सुचारु कराया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दखिना टोल प्लाजा पर व्यस्त समय के दौरान जाम की समस्या अक्सर देखने को मिलती है। उनका कहना है कि गर्मी की छुट्टियों और बाहरी जिलों से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण दबाव और अधिक बढ़ गया है। कई बार वाहनों की कतारें टोल प्लाजा से निकलकर हाईवे तक पहुंच जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
यात्रियों ने मांग की है कि भीड़भाड़ वाले दिनों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए और फास्टैग प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दखिना टोल प्लाजा के प्रबंधक राकेश सिंह ने बताया कि टीजीटी परीक्षा के कारण गुरुवार सुबह अचानक वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई थी। कुछ फास्टैग में तकनीकी समस्या के चलते थोड़े समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन कर्मचारियों की सक्रियता से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे अवसरों पर विशेष प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे वाहन चालकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
