बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ला और महामंत्री रामलखन यादव ने कहा कि वर्तमान में उप निबंधक कार्यालय तहसील भवन की दूसरी मंजिल पर संचालित हो रहा है, जहां सीमित स्थान के कारण अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आने वाले लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों का पंजीकरण होने से कार्यालय पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है।
पदाधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2025 में अधिवक्ताओं की ओर से इस समस्या को लेकर कई प्रार्थना पत्र दिए गए थे। इसके बाद बार एसोसिएशन ने प्रशासन और शासन स्तर पर ज्ञापन भेजकर नए एवं विस्तृत कार्यालय की मांग उठाई थी। प्रारंभिक स्तर पर मुहारी क्षेत्र में भूमि चिह्नित की गई थी, लेकिन तहसील मुख्यालय से दूरी अधिक होने के कारण अधिवक्ताओं और वादकारियों ने इसका विरोध किया।
बार एसोसिएशन ने विभिन्न लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी मांग को लगातार उठाया। धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और अन्य प्रयासों के जरिए शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया। पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए तहसील मुख्यालय के निकट ईवीएम कार्यालय के पास लगभग 17 बिस्वा भूमि का चयन नए उप निबंधक कार्यालय के लिए किया गया है। हाल ही में इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ला ने कहा कि नए भवन के निर्माण से न केवल अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों को भी पंजीकरण संबंधी कार्यों में सुविधा होगी। इससे समय की बचत होगी और व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकेंगी।
प्रेस वार्ता के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय आम जनता और अधिवक्ताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने मीडिया की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि समाचार माध्यमों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर जनहित की आवाज को शासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
