लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) ने आगामी शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनावों की तैयारियां तेज करते हुए तीन शिक्षक सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए 30 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय भी लिया गया है।

राजधानी के लालबाग स्थित संगठन कार्यालय में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने किया।

कार्यसमिति की सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सोहनलाल वर्मा, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजीव यादव तथा आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से रणविजय सिंह को संगठन का अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि सितंबर माह में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन 11 सीटों पर संगठन अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगा, जबकि शेष उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जुलाई में की जाएगी।

बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे शिक्षकों और पदाधिकारियों ने शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुरानी पेंशन, स्थानांतरण, सेवा सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने कहा कि शिक्षकों से जनगणना, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगातार ड्यूटी ली जाती है, लेकिन इसके बदले उन्हें प्रतिकर अवकाश नहीं दिया जाता। उन्होंने शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू करने, वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली तय करने, पुरानी पेंशन से जुड़े शिक्षकों का एनपीएस अंशदान जीपीएफ खातों में स्थानांतरित करने तथा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए स्थानांतरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 30 जुलाई को प्रदेश के सभी डीआईओएस कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

बैठक में डॉ. हरि प्रकाश यादव, उपेंद्र वर्मा, प्रमोद कुमार पाठक, पवन कुमार यादव, बिरजू सरोज, सत्यवीर सिंह दिवाकर, राजू राम रतन, प्रमोद कुमार पाल, बिजेंद्र वर्मा, डॉ. सुनील कुमार सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, श्रवण कुमार कुशवाहा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों शिक्षक और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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