कॉलेज छोड़ने का बहाना बनाकर छात्रा से अभद्रता, कार्रवाई न होने पर परिजनों में नाराजगी..
मोहनलालगंज, लखनऊ। निगोहां थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली आईटीआई छात्रा के साथ कॉलेज छोड़ने के नाम पर बाइक सवार युवक द्वारा अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे परिवार में नाराजगी और चिंता का माहौल है।
पीड़िता के पिता के मुताबिक उनकी बेटी एक आईटीआई संस्थान में अध्ययनरत है। आरोप है कि कुछ दिन पूर्व एक युवक ने उसे कॉलेज पहुंचाने की बात कहकर अपनी बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में आरोपी उसे मोहनलालगंज क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसने उसके साथ अशोभनीय हरकतें शुरू कर दीं। छात्रा द्वारा विरोध और शोर मचाने पर आरोपी ने उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया। बाद में वह छात्रा को मोहनलालगंज कस्बे में छोड़कर फरार हो गया।
घर पहुंचने पर छात्रा ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस चौकी से लेकर एसीपी कार्यालय तक शिकायत दी है। इस दौरान पुलिस ने छात्रा और परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए तथा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
परिवार का कहना है कि घटना के बाद छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान है। उसने घर से बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है और भय तथा तनाव की स्थिति में है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें हर बार जांच का हवाला देकर इंतजार करने को कहा जा रहा है।
पीड़िता के पिता ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की स्पष्ट प्राथमिकताएं हैं, ऐसे में मामले में शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च अधिकारियों से मिलकर न्याय की मांग करेंगे।
मुकदमा दर्ज न होने पर उठे सवाल
परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब पुलिस छात्रा और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर चुकी है तथा घटनास्थल का निरीक्षण भी कर चुकी है, तो फिर मुकदमा दर्ज करने में विलंब क्यों हो रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
