लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। छह अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जबकि विपक्ष कई प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्र के दौरान हंगामे के भी आसार जताए जा रहे हैं।

रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों ने सदन की कार्यवाही गरिमापूर्ण और सुचारु रूप से चलाने पर सहमति जताई। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह होने वाली कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट को मंजूरी दिए जाने के बाद इसे सदन में पेश किया जाएगा।

विपक्ष इन मुद्दों पर करेगा सरकार का घेराव

सत्र के दौरान विपक्ष राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, छात्रों पर लाठीचार्ज, शिक्षक भर्ती, एक्सप्रेसवे निर्माण में कथित अनियमितताओं समेत विभिन्न जनहित के मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। वहीं सत्ता पक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए रणनीति बना चुका है।

पहले दिन शोक प्रस्ताव, फिर स्थगित होगी कार्यवाही

सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर आजमगढ़ के निजामाबाद से समाजवादी पार्टी के विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव लाया जाएगा। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक रोक दी जाएगी। मंगलवार को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जबकि बुधवार और बृहस्पतिवार को बजट पर चर्चा के साथ अन्य विधायी कार्य संपन्न कराए जाएंगे। इसके बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की संभावना है।

पहली बार होगा ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण गायन

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि इस बार पहली बार सदन में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण गायन कराया जाएगा। उन्होंने सभी सदस्यों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए मर्यादित और संयमित भाषा में अपनी बात रखने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी कहा कि सदन का सफल संचालन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सहयोग से ही संभव है।

विधानभवन के आसपास हाई अलर्ट

मानसून सत्र के मद्देनजर विधानभवन और उसके आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है तथा कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।

प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 के तहत बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई है। राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानभवन और अन्य संवेदनशील सरकारी परिसरों के आसपास नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा विधानभवन के आसपास कई प्रमुख मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है और पूरे क्षेत्र की 24 घंटे सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा।

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