जानकारी के अनुसार, तहसील सरोजनीनगर में तैनात लेखपाल सीमा गौतम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि परवर पश्चिम गांव स्थित गाटा संख्या 2981 (रकबा 0.117 हेक्टेयर) राजस्व अभिलेखों में आबादी भूमि तथा गाटा संख्या 2982 (रकबा 0.208 हेक्टेयर) उसर भूमि के रूप में दर्ज है। इन भूखंडों के एक हिस्से पर विभिन्न प्रजातियों के पुराने पेड़ मौजूद थे।
ग्रामीणों से पेड़ों की कटाई की शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन यूकेलिप्टस, पंद्रह बबूल, तीन सीरस और एक गूलर के पेड़ काटे जाने अथवा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किए जाने की पुष्टि हुई। इस प्रकार कुल 22 पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कृष्ण कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि शंकर तथा मुकेश कुमार सिंह द्वारा उक्त पेड़ों की कटाई कराई गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह घटना 19 फरवरी 2026 को हुई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को उपलब्ध करा दी है। लेखपाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को क्षति पहुंची है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
