मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र में जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा नेता हंसराज रावत ने कुछ लोगों पर मारपीट, साथी को जबरन अपने साथ ले जाने, लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद कोतवाली परिसर में हुए विवाद का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के पद्मिनीखेड़ा निवासी भाजपा नेता हंसराज रावत शुक्रवार दोपहर हुलासखेड़ा स्थित अपनी प्लॉटिंग साइट पर मौजूद थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान दो वाहनों से पहुंचे कुछ लोगों ने स्वयं को एसटीएफ से जुड़ा बताते हुए बातचीत शुरू की। आरोप है कि इसी बीच एक व्यक्ति ने उनके चेहरे पर स्प्रे कर दिया, जिसके बाद अन्य लोगों ने उन्हें घेरकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
हंसराज रावत का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे उनके सहयोगी कौशल मिश्रा के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर ले जाया गया। उनका दावा है कि इस दौरान उनकी लाइसेंसी पिस्टल संख्या 15122, 14 कारतूस और मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, जबकि कौशल मिश्रा का मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया गया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि किसी तरह आरोपितों के चंगुल से निकलने के बाद जब वे मोहनलालगंज कोतवाली पहुंचे, तब वहां भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान कथित रूप से धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। कोतवाली परिसर में हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में सिद्धार्थ शर्मा, अयोध्यापाल, कासिफ अहमद और अमित समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। वायरल वीडियो और दोनों पक्षों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
