क्षेत्र के कई ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शिविर की जानकारी पर्याप्त रूप से गांवों तक नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र युवा योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए। उनका आरोप है कि यदि समय रहते ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता तो अधिक से अधिक युवा पंजीकरण शिविर में भाग ले सकते थे।
कुछ ग्राम प्रधानों ने भी दावा किया कि उन्हें शिविर के आयोजन की पूर्व सूचना नहीं मिली। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाता तो योजना की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर तरीके से पहुंचाई जा सकती थी।
वहीं, खंड विकास अधिकारी शिव कुमार ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि शिविर की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर उपलब्ध करा दी गई थी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों, ब्लॉक मिशन प्रबंधकों एवं अन्य माध्यमों से योजना के प्रचार-प्रसार के प्रयास किए गए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर सूचना के प्रसार में कमी रह गई है तो उसकी समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच सके।
फिलहाल, क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि अभियान का प्रचार-प्रसार जमीनी स्तर तक कितना प्रभावी रहा। ग्रामीणों का मानना है कि सरकारी योजनाओं की सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब उनकी जानकारी समय रहते अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र लाभार्थी योजना से जुड़ सकें।
