यात्रा की शुरुआत आलमबाग स्थित रेलवे बारातघर से हुई और यह सदर स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय, स्वास्थ्य भवन तथा कैसरबाग होते हुए केजीएमयू पहुंची। रास्ते में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने फूल-मालाओं से यात्रा का स्वागत करते हुए आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
सभा को संबोधित करते हुए अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद कर्मचारियों और शिक्षकों का उत्साह इस बात का संकेत है कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई को अंत तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक और टीईटी से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो 25 सितंबर को लखनऊ में बड़े स्तर पर महारैली आयोजित की जाएगी।
प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से संगठन के साथ एकजुट होकर आंदोलन को मजबूती देने की अपील की।
सभा में शिक्षा स्वास्थ्य महासंघ के सत्येंद्र सिंह, संजय रावत, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता रामेन्द्र श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र राय, श्रवण सचान, पशुपालन विभाग के अध्यक्ष नीलमणि नरसिंह राव तथा रेलवे कर्मचारी नेता राकेश वर्मा सहित कई वक्ताओं ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों का समर्थन करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही शिक्षकों से जुड़ी टीईटी अनिवार्यता की समीक्षा की भी मांग उठाई गई।
इससे पहले सिंचाई विभाग मुख्यालय पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने जनजागरण यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में महराजदीन चौधरी, नरेन्द्र कुमार यादव, प्रशांत सोमवंशी, नवीन भटनागर, महेन्द्र कश्यप, कविता तिवारी, राजकमल, भाईलाल, फूलचन्द्र भारती, श्रीपाल सिंह सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया।
यात्रा में प्रदेश विधिक सलाहकार नरेन्द्र कुमार, संगठन मंत्री रजत प्रकाश, वेद आर्यन, जिला संयोजक सुनील वर्मा, महामंत्री विजय विश्वास, कोषाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। समापन समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने कर्मचारियों के अधिकारों और पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए आंदोलन को आगे भी मजबूती से जारी रखने का संकल्प लिया।
