जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव ने आरोप लगाया था कि उनके विरुद्ध कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें घर से कोतवाली लाया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस संबंध में उन्होंने समाजवादी पार्टी के सांसद आर.के. चौधरी सहित अन्य नेताओं के साथ पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत देकर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने भी मोहनलालगंज कोतवाली परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद से यह प्रकरण लगातार चर्चा में बना रहा।
इसी बीच बृजेश त्रिपाठी का स्थानांतरण कर उन्हें आलमबाग भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह तबादला किसी विशेष प्रकरण से जुड़ा है या नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
वहीं, स्थानीय स्तर पर इस स्थानांतरण को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। कई लोग इसे हालिया विवाद और लगातार उठी शिकायतों के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस विभाग की ओर से नहीं की गई है।
