नगराम, लखनऊ। प्रदेश के सिंचाई एवं जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शुक्रवार को नगराम क्षेत्र में शारदा सहायक पोषक नहर, इंदिरा नहर और हैदरगढ़ शाखा नहर प्रणाली का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अचलीखेड़ा रेगुलेटर, मितौली माइनर और बलसिंहखेड़ा क्षेत्र का दौरा कर किसानों से सीधे संवाद किया तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को मौके पर आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मितौली माइनर में लंबे समय से सिल्ट और बालू जमा होने के कारण नहर का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान मितौली विनोद कुमार और ग्राम प्रधान अचलीखेड़ा कयूम ने भी किसानों की ओर से ज्ञापन सौंपकर माइनर की सफाई और टेल तक पानी पहुंचाने की मांग रखी।

किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मितौली माइनर की तत्काल सफाई कराने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नहर का पानी बिना किसी बाधा के अंतिम छोर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके बाद बलसिंहखेड़ा में ग्रामीणों ने गांव के पास बने संकरे पैदल पुल के कारण होने वाली आवागमन की दिक्कतों से मंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुल के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही नहर की पटरियों पर जमी बालू हटाने और अचलीखेड़ा रेगुलेटर के पास स्थित जर्जर पुल के पुनर्निर्माण की मांग पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
अचलीखेड़ा रेगुलेटर पर किसानों से बातचीत के दौरान मंत्री ने सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी अन्य समस्याओं की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेगुलेटर के निकट खाली सरकारी भूमि का अवलोकन कर वहां सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस विकसित करने की संभावनाओं पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरों की सफाई समयबद्ध तरीके से कराई जाए, सिंचाई व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
मंत्री के निरीक्षण और मौके पर दिए गए निर्देशों से क्षेत्र के किसानों ने उम्मीद जताई है कि लंबे समय से लंबित सिंचाई और आवागमन संबंधी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ेगी।
