मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर धरना दिया। किसानों का आरोप था कि बार-बार शिकायतें और प्रार्थना पत्र देने के बावजूद संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे नाराज किसानों ने तहसील परिसर में नारेबाजी कर प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।

धरने की सूचना मिलने पर अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति), उपजिलाधिकारी तथा अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। किसानों ने बताया कि कमालपुर विचिलखा से कुबहरा तक लगभग 600 मीटर कच्चा मार्ग वर्षों से निर्माण की प्रतीक्षा कर रहा है। उनका कहना था कि विभागीय स्तर पर वन विभाग की भूमि का हवाला देकर कार्य लगातार टाला जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की ओर से अधिकारियों को पांच सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक किसी भी मुद्दे पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने वन विभाग के प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया। केवल फॉरेस्ट गार्ड के पहुंचने पर अपर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा लोक निर्माण विभाग को एनओसी मिलते ही कमालपुर विचिलखा से कुबहरा तक 600 मीटर सड़क के डामरीकरण का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण का कार्य अब जल्द शुरू होगा। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि अन्य समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, प्रदेश सचिव दिनेश यादव, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला महामंत्री राम सिंह, जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष राकेश यादव, राम कुमार यादव, अरविंद कुमार, पुनवासी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
