मोहनलालगंज, लखनऊ। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित निवेश ठगी के मामले में पुलिस जांच की रफ्तार को लेकर पीड़ितों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद लगभग ढाई महीने बीत जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिससे मामले में आगे की कार्रवाई लंबित है।
पीड़ित अनिल कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार सिंह और सुनीता सिंह ने बताया कि उन्होंने 4 मई को एडीसीपी दक्षिणी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात ओम प्रकाश पांडे और उनकी पत्नी सुधा पांडे से हुई थी। शिकायत के अनुसार, दोनों ने अपनी फर्म में साझेदारी और बेहतर मुनाफे का भरोसा देकर उनसे करीब 1.5 करोड़ रुपये का निवेश कराया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शुरुआत में कुछ समय तक उन्हें मुनाफा दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपित लगातार टालमटोल करते रहे। उनका यह भी आरोप है कि फरवरी 2026 में दोनों अपना कार्यालय और किराये का आवास खाली कर चले गए।
पीड़ितों का कहना है कि एडीसीपी के निर्देश पर उन्होंने एसीपी कार्यालय में अपने बयान दर्ज कराए और सभी आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए, लेकिन इसके बावजूद जांच रिपोर्ट अब तक उच्च अधिकारियों को नहीं भेजी गई है। उनका आरोप है कि जांच में हो रही देरी के कारण आरोपितों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इस संबंध में एसीपी आर.के. सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उधर, पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
