मोहनलालगंज, लखनऊ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोहनलालगंज में अधीक्षक और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। अधीक्षक के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला डॉक्टर और एक एएनएम के स्थानांतरण के आदेश जारी होने के बाद मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह सीएचसी में कार्यरत कुछ स्वास्थ्यकर्मियों और अधीक्षक के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद महिला डॉक्टर समेत कई कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचकर अधीक्षक के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई।
बताया जाता है कि जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ कर्मचारियों ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि बयान दर्ज किए जाने के समय संबंधित अधीक्षक भी मौजूद थे। कर्मचारियों का कहना था कि इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने भी संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी।
इसी बीच सोमवार देर शाम शिकायतकर्ता महिला डॉक्टर का स्थानांतरण सरोजनीनगर तथा एक एएनएम का तबादला गोसाईंगंज कर दिया गया। स्थानांतरण आदेश सामने आने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ कर्मचारियों और ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने वाले कर्मियों का तबादला किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों की जांच पूरी होने से पहले यह कार्रवाई उचित नहीं है। वहीं, उनका यह भी कहना है कि लंबे समय से एक ही स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात अधीक्षक के संबंध में अब तक कोई स्पष्ट प्रशासनिक निर्णय सामने नहीं आया है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थानांतरण आदेश को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, अधीक्षक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और तथ्यों पर अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
