लखनऊ। राजधानी के चर्चित प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह हत्याकांड की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पीजीआई पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले में कथित माफिया दिलीप वर्मा का नाम भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों से उसके शूटरों के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल उसकी तलाश में विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पीजीआई थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सचिन कुमार, एसटीएफ मुठभेड़ में मारे गए शूटर संजीव कुमार के पुत्र अमरेश कुमार के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया गया। जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर दिलीप वर्मा की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हत्या की साजिश, शूटरों के संपर्क और पूरे घटनाक्रम में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही।
27 मई को हुई थी दिनदहाड़े हत्या
गौरतलब है कि 27 मई को पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह की उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त जांच शुरू की थी।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुलीं कई कड़ियां
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कथित साजिशकर्ताओं तक पहुंच बनाई। इस मामले में पहले ही दिनेश यादव, उसके चालक मुकर्बिन तथा संपर्क सूत्र बताए गए गंगाराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले शूटरों ने कई बार इलाके की रेकी भी की थी।
एसटीएफ मुठभेड़ के बाद जांच को मिली नई दिशा
मुख्य शूटर संजीव कुमार 27 जून को एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। इसके बाद उसके बेटे अमरेश कुमार द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर दूसरे आरोपी सचिन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे आपराधिक नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
