लखनऊ। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) ने फर्जी पत्रकारों और अवैध रूप से “प्रेस” लिखे वाहनों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। समिति के अनुसार इस अभियान की शुरुआत 30 जुलाई को राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे से की जाएगी।
समिति के संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने और उसके नाम पर होने वाले कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की महत्वपूर्ण आधारशिला है, लेकिन इसका दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई लोग बिना वैध पहचान और पत्रकारिता से जुड़े आवश्यक मानकों के स्वयं को पत्रकार बताकर विभिन्न गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। समिति का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान कर संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से गलत गतिविधियां करने वालों के विरुद्ध है।
प्रभात त्रिपाठी के अनुसार, 30 जुलाई को सुबह 10 बजे हजरतगंज चौराहे से अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इसमें समिति के अध्यक्ष विक्रम राव, महासचिव ज्ञानेश पाठक, अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे। अभियान को लेकर पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी सहयोग के लिए पत्र भेजा गया है।
समिति ने प्रदेश के प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों से अभियान में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि पत्रकारिता की साख और जनविश्वास को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार पत्रकारों की सहभागिता आवश्यक है।
समिति के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकांत तिवारी ने कहा कि यह पहल किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभियान से पत्रकारिता के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा।
नोट: इस अभियान और इससे जुड़े दावों की जानकारी संबंधित संगठन द्वारा जारी बयान के आधार पर है। अभियान से जुड़े आरोपों या दावों की पुष्टि संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के अधीन होगी।
