मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी बीमारी के इलाज, संतान प्राप्ति, आर्थिक मदद और विवाह जैसे वादों के जरिए लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। मामले में तमिलनाडु से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, भरसवा गांव निवासी अमित कुमार की शिकायत पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के कुछ लोग लगातार चर्च आने का दबाव बनाते थे और धर्म परिवर्तन करने पर विभिन्न लाभ मिलने का लालच देते थे। विरोध करने पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और साक्ष्यों से यह संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से गांव और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय थे। आरोप है कि वे चार पहिया वाहन से गांवों में पहुंचकर बैठकें करते थे और लोगों को विभिन्न प्रलोभनों के माध्यम से प्रभावित करने का प्रयास करते थे। एक ग्रामीण ने पुलिस को बताया कि इलाज के बहाने उसे चर्च ले जाया गया, जहां बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मुख्य आरोपी डेनियल ने बताया कि उसने विवाह के बाद ईसाई धर्म अपनाया और वर्ष 1998 में तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित एक चर्च के निर्देश पर लखनऊ आया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से मिले इन बयानों और अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो वाहन, धार्मिक साहित्य, धर्म परिवर्तन से संबंधित पुस्तिकाएं, विवाह संबंधी दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की प्रतियां बरामद करने का दावा किया है। सभी सातों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया कि अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले के आर्थिक लेन-देन तथा अंतर्राज्यीय नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है। वहीं, एसीपी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
