मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भावाखेड़ा गांव के पास हाईवे किनारे माइनर में एक लकड़ी का बक्सा पड़ा मिला। बक्से को खोलने पर उसके अंदर एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए एसीपी मोहनलालगंज आर.के. सिंह भी पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक रामबाबू सिंह सहित पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस के मुताबिक मृतक की उम्र करीब 32 से 34 वर्ष के बीच है और शव लगभग दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि शव को किसी दूसरे स्थान से लाकर रात के समय माइनर में फेंका गया हो।
शव जिस तरह लकड़ी के बक्से के अंदर मिला, उसके चलते आसपास के लोगों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट पता चल सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बक्सा यहां कब और किस रास्ते से पहुंचा और इसे माइनर में किसने फेंका।
घटनास्थल की सीमा को लेकर आमने-सामने आईं दो थानों की पुलिस
शव बरामद होने के बाद कुछ समय तक मोहनलालगंज और निगोहां पुलिस के बीच घटनास्थल की सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। दोनों थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में घटना होने की बात कह रही थी।
सीमा विवाद सुलझाने के लिए मौके पर लेखपाल को बुलाया गया। राजस्व अभिलेखों के आधार पर नाप-जोख किए जाने के बाद घटनास्थल की वास्तविक सीमा स्पष्ट हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
फिलहाल पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मृतक का मिलान करा रही है। साथ ही शव की पहचान के लिए अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मृतक की पहचान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को माइनर तक कौन लेकर आया था।
