निगोहां, लखनऊ। मंगलवार तड़के हुई तेज बारिश का असर निगोहां और समेसी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। बारिश के कारण कई फीडरों में तकनीकी खराबी आ गई, जबकि हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ों की डालियां गिरने से करीब 200 गांवों की बिजली आपूर्ति 4 से 13 घंटे तक बाधित रही। लंबे समय तक बिजली न मिलने से हजारों उपभोक्ताओं को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग और संचार सेवाएं भी प्रभावित रहीं। वहीं धान की रोपाई में जुटे किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी झेलनी पड़ी।
निगोहां विद्युत उपकेंद्र से जुड़े पुराहिया, मस्तीपुर, रघुनाथखेड़ा और दयालपुर फीडरों में बारिश के दौरान फॉल्ट आने से निगोहां कस्बे सहित भगवानपुर, मदारीखेड़ा, दयालपुर, लालपुर, गोसाईखेड़ा और उदयपुर समेत कई गांवों की बिजली चार से छह घंटे तक बंद रही। इसी दौरान कस्बे में लगे एक ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से उससे धुआं उठने लगा, जिसके चलते आपूर्ति कुछ समय के लिए और प्रभावित हुई।

दूसरी ओर समेसी विद्युत उपकेंद्र के समेसी, बहरौली, मीरखनगर और नगराम आईपीडीएस फीडरों में भी बारिश के दौरान फॉल्ट आने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बहरौली फीडर से जुड़े हरदोईया, भोला पुरवा, नेहरू नगर, बहरौली, मुकुंदखेड़ा, सिरौना, करोरवा, अनैया और खरगापुर समेत करीब 50 गांवों की बिजली सुबह से बंद रही और लगभग नौ घंटे बाद शाम को बहाल हो सकी।

समेसी फीडर से जुड़े करोरा, भोरा कला, केवली, मितौली, अचलीखेड़ा, समेसी, शंकरखेड़ा और गनेशखेड़ा सहित लगभग 60 गांवों में भी भोर से बिजली गुल रही। करीब 12 घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा तकनीकी खराबी आने से लाइन फिर बंद हो गई। मरम्मत के बाद शाम को सप्लाई सामान्य की गई। इसी दौरान मीरखनगर और नगराम आईपीडीएस फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली बाधित रही।
लंबे समय तक बिजली न रहने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए और मोबाइल टावरों के प्रभावित होने से संचार व्यवस्था भी बाधित रही। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के समय बिजली आपूर्ति बाधित रहने से सिंचाई कार्य प्रभावित हुआ, जिससे कृषि कार्यों पर असर पड़ा।
अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई फीडरों में तकनीकी फॉल्ट आ गए थे। खराब मौसम के बीच कर्मचारियों ने लगातार फॉल्ट तलाशने और उन्हें दूर करने का कार्य किया। जांच में करोरवा और दोरिया के पास हाईटेंशन लाइन पर पेड़ों की डालियां गिरी मिलीं, जिन्हें हटाकर लाइन दुरुस्त की गई। इसके अलावा समेसी फीडर की ट्रॉली में आई खराबी को भी ठीक किया गया। उन्होंने बताया कि 132 केवी पावर हाउस खुजेहटा से 33 केवी इनकमिंग लाइन का शटडाउन लेकर आवश्यक मरम्मत कराई गई, जिसके बाद सभी प्रभावित फीडरों की बिजली आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से बहाल कर दी गई। हालांकि शाम के समय समेसी फीडर में दोबारा तकनीकी समस्या आने से कुछ देर के लिए सप्लाई प्रभावित हुई, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया गया।
